अब इस जिले में लगेंगे स्मार्ट मीटर, पुराने मीटर को बदलकर स्मार्ट मीटर लगाए जा रहे हैं. मोबाइल से होगा बिजली का रिचार्ज

हिमाचल प्रदेश में स्मार्ट मीटर योजना का विस्तार...

हिमाचल प्रदेश में स्मार्ट मीटर योजना का विस्तार

बिजली बोर्ड ने शिमला और धर्मशाला के बाद अब हमीरपुर, सोलन, चंबा और कुल्लू जिलों में स्मार्ट मीटर लगाने की योजना पर तेजी से काम शुरू कर दिया है। यह योजना चरणबद्ध तरीके से लागू की जा रही है। पहले चरण में औद्योगिक इकाइयों, सरकारी कार्यालयों और उन घरेलू उपभोक्ताओं के पुराने मीटर बदले जा रहे हैं, जिनकी मासिक बिजली खपत 300 यूनिट से अधिक है।

दूसरे चरण में शेष घरेलू उपभोक्ताओं के मीटर भी स्मार्ट मीटर से बदल दिए जाएंगे। बिजली बोर्ड का उद्देश्य उपभोक्ताओं को प्रीपेड सुविधा उपलब्ध कराना है, जिससे वे मोबाइल एप्लीकेशन के माध्यम से अपने स्मार्ट मीटर को रिचार्ज कर सकें। यह ठीक मोबाइल रिचार्ज की तरह काम करेगा और उपभोक्ताओं को उनके मोबाइल पर यह जानकारी मिलेगी कि अब तक कितनी बिजली खपत हो चुकी है और मीटर में कितनी यूनिट शेष है।


कुल्लू सर्किल में पहले चरण का विवरण

  • केलांग डिवीजन: कुल 8,506 उपभोक्ता; पहले चरण में 4,491 मीटर बदले जाएंगे।
  • थलौट डिवीजन: 52,427 उपभोक्ता; पहले चरण में 12,728 मीटर बदलने प्रस्तावित हैं।
  • मनाली डिवीजन: 48,377 उपभोक्ता; पहले चरण में 11,935 स्मार्ट मीटर लगाए जाएंगे।
  • कुल्लू डिवीजन: 80,883 उपभोक्ता; पहले चरण में 15,810 मीटर बदलेंगे।

इस प्रकार कुल्लू सर्किल में पहले चरण के तहत कुल 44,964 स्मार्ट मीटर लगाए जाएंगे। वर्तमान में मनाली क्षेत्र में 1,255 और कुल्लू में 507 सिंगल फेस स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं।


सुविधाएं और लाभ

स्मार्ट मीटर से उपभोक्ताओं को सुविधा के साथ-साथ बिजली बोर्ड को भी आपूर्ति और खपत के प्रबंधन में लाभ होगा। प्रारंभिक कुछ महीनों तक उपभोक्ताओं को पुराने सिस्टम के अनुसार ही बिजली बिल जारी किए जाएंगे। इस दौरान मोबाइल एप्लीकेशन को अंतिम रूप दिया जाएगा, जिसके बाद उपभोक्ता ऑनलाइन अपने मीटर को रिचार्ज कर सकेंगे।

स्मार्ट मीटर प्रतिदिन की बिजली खपत की जानकारी मोबाइल संदेश के माध्यम से उपलब्ध कराएंगे। बिजली बोर्ड के पास विस्तृत डाटा उपलब्ध रहेगा, जिससे यह पता लगाया जा सकेगा कि वर्ष के किस महीने और किस डिवीजन में बिजली की मांग अधिक रहती है। सर्दियों में सुबह और शाम के समय खपत बढ़ जाती है, इसलिए अतिरिक्त बिजली की आपूर्ति समय पर सुनिश्चित की जा सकेगी।

स्मार्ट मीटर बिजली चोरी पर प्रभावी अंकुश भी लगाएंगे। आधुनिक तकनीक आधारित डिवाइस हर दिन खपत का रिकॉर्ड रखेगी और बिजली चोरी की स्थिति में फीडर को संकेत भेजेगी। दोषी पाए जाने पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।


आर्थिक पहलू

बिजली बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि स्मार्ट मीटर लगाने के लिए उपभोक्ताओं से कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं लिया जाएगा। इससे मैनपावर की आवश्यकता भी कम होगी और वितरण प्रणाली अधिक कुशल बनेगी। भविष्य में बिजली यूनिट की लागत कम होने से उपभोक्ताओं को लाभ मिलेगा।

हिमाचल प्रदेश में कुल 29,18,432 स्मार्ट मीटर लगाए जाने की योजना है। अब तक 6,05,875 मीटर लगाए जा चुके हैं और शेष मीटर जुलाई 2026 तक लगाने का लक्ष्य है। इस परियोजना के लिए 4,115.74 करोड़ रुपये की धनराशि स्वीकृत की गई है, जिसमें 22.50 प्रतिशत राशि केंद्र सरकार अनुदान के रूप में देगी। शेष राशि उपभोक्ताओं से 10 वर्ष की अवधि में टैरिफ के माध्यम से प्राप्त की जाएगी।

“नए स्मार्ट मीटर से बिजली बोर्ड को भी आसानी होगी और इस बात की जानकारी मिल सकेगी साल के किस महीने में किस डिवीजन में बिजली की खपत अधिक होती है. पहाड़ी इलाकों में सर्दियों के मौसम की बात करें तो यहां सुबह के समय और शाम के समय बिजली की खपत अधिक होती है. ऐसे में बिजली बोर्ड के पास एक डाटा भी तैयार होगा और उसे डाटा के आधार पर सर्दियों के मौसम में बिजली आपूर्ति के लिए डिमांड भेजी जाएगी. ताकि यहां ग्राहकों को बिजली की समस्या का सामना न करना पड़े. स्मार्ट मीटर में ग्राहकों के रोजाना बिजली खर्च होने का डाटा सेव रहेगा और यह डेटा बिजली बोर्ड के फीडर तक पहुंचेगा. इस आधार पर अगले साल बिजली की कितनी खपत होगी. इसका भी बिजली बोर्ड के द्वारा डाटा तैयार कर सरकार को भेजा जाएगा.”
बिजली बोर्ड के पास तैयार रहेगा डाटा
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