अमेरिका की एजेंसी DARPA ने बिना तार 5 मील दूर तक भेजी बिजली, बनाया नया विश्व रिकॉर्ड
अमेरिका की रक्षा अनुसंधान एजेंसी DARPA ने तकनीक की दुनिया में एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है. एजेंसी ने लेज़र तकनीक के ज़रिये लगभग 5.3 मील (8.6 किलोमीटर) की दूरी तक बिना किसी तार के बिजली भेजने में सफलता पाई है अमेरिका की रक्षा उन्नत अनुसंधान परियोजना एजेंसी DARPA ने वायरलेस बिजली ट्रांसमिशन के क्षेत्र में इतिहास रच दिया है। एजेंसी ने अपने Persistent Optical Wireless Energy Relay (POWER) प्रोग्राम के तहत लेज़र बीम की मदद से बिना तार के बिजली पहुंचाने में अब तक का सबसे बड़ा सफल प्रदर्शन किया है। इस तकनीक को भविष्य की ऊर्जा सप्लाई क्रांति माना जा रहा है। न्यू मैक्सिको में हुए इस परीक्षण में DARPA ने 800 वॉट बिजली को लगातार 30 सेकंड तक लगभग 5.3 मील (8.6 किलोमीटर) दूर स्थित रिसीवर तक पहुंचाने में सफलता हासिल की। बिजली को पहले लेज़र बीम में बदला गया और फिर रिसीवर पर मौजूद फोटोवोल्टिक सेल ने उस लेज़र ऊर्जा को दोबारा बिजली में परिवर्तित किया। यह डेमो दुनिया में अब तक का सबसे लंबी दूरी का हाई-पावर वायरलेस ऊर्जा ट्रांसफर रिकॉर्ड है। इससे पहले केवल 230 वॉट पावर को 1.7 किलोमीटर तक ही भेजा जा सका था, लेकिन ताज़ा उपलब्धि ने इस दूरी और क्षमता दोनों को कई गुणा आगे बढ़ा दिया है। हालांकि वर्तमान सिस्टम अभी लगभग 20% एफिशिएंसी पर काम कर रहा है, यानी भेजी गई ऊर्जा का केवल एक हिस्सा ही उपयोग योग्य रूप में मिल पा रहा है।.
DARPA का POWER प्रोग्राम क्या है?
यह परीक्षण DARPA के Persistent Optical Wireless Energy Relay (POWER) प्रोग्राम के तहत किया गया है. इसका मकसद है भविष्य में ऊर्जा की आपूर्ति को उतना ही तेज़ और मोबाइल बनाना, जितनी आज वायरलेस कम्युनिकेशन है जैसे वायरलेस कम्युनिकेशन में डेटा भेजा जाता है, उसी तरह बिजली को मोबाइल और सुरक्षित तरीके से भेजना।,युद्ध क्षेत्र, आपदा प्रभावित इलाके, दूरदराज़ सैन्य ठिकाने या मोबाइल यूनिट्स को तुरंत बिजली पहुँचाना।,पारंपरिक तारों की जगह लेज़र और ऑप्टिकल तकनीक का इस्तेमाल करके बिजली ट्रांसमिट करना।,DARPA का POWER प्रोग्राम वायरलेस बिजली ट्रांसमिशन के क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव ला रहा है। यह तकनीक सुरक्षा, गति, और मोबाइलिटी को प्राथमिकता देती है और पारंपरिक बिजली स्रोतों पर निर्भरता कम करती है।.
बिना तार बिजली कैसे भेजी गई? (Step by Step)
Step 1: बिजली को लेज़र में बदला गया
सबसे पहले सामान्य इलेक्ट्रिक पावर को एक शक्तिशाली और नियंत्रित लेज़र बीम में बदला गया.
Step 2: लेज़र बीम हवा के जरिए भेजी गई
यह लेज़र बीम खुले वातावरण से होकर लगभग 8.6 किलोमीटर दूर रिसीवर तक पहुंचाई गई. इसे जमीन के समानांतर भेजा गया ताकि वास्तविक परिस्थितियों की जांच हो सके.
Step 3: रिसीवर पर फिर से बिजली बनाई गई
रिसीवर में पैराबोलिक मिरर और कई फोटोवोल्टिक सेल्स लगाए गए थे, जो लेज़र की रोशनी को दोबारा इलेक्ट्रिक पावर में बदल देते हैं.
नया रिकॉर्ड क्यों है यह?
दूरी
8.6 किलोमीटर
पावर
800+ वॉट
कुल ऊर्जा
1 मेगाजूल+
इससे पहले वायरलेस पावर ट्रांसमिशन का रिकॉर्ड केवल 1.7 किलोमीटर तक 230 वॉट बिजली भेजने का था.
भविष्य में कहां होगा इस्तेमाल?
यह तकनीक युद्ध क्षेत्रों, आपदा प्रभावित इलाकों, दूरदराज़ सैन्य ठिकानों, ड्रोन, रडार और संचार सिस्टम को बिजली देने में अहम भूमिका निभा सकती है। DARPA की यह वायरलेस पावर तकनीक न केवल एक तकनीकी उपलब्धि है, बल्कि इसके वास्तविक जीवन में उपयोग के कई महत्वपूर्ण अवसर हैं।
- युद्ध क्षेत्र और सैन्य ऑपरेशन: पारंपरिक बिजली लाइनें युद्ध क्षेत्रों में जल्दी टूट सकती हैं। वायरलेस पावर सैनिकों को सीधे बेस कैंप या मोबाइल यूनिट्स तक सुरक्षित ऊर्जा प्रदान कर सकती है।
- आपदा प्रभावित क्षेत्र: भूकंप, बाढ़ या तूफान में बिजली लाइनें अक्सर टूट जाती हैं। इस तकनीक से राहत शिविरों, अस्पतालों और संचार सिस्टम को तुरंत ऊर्जा मिल सकती है।
- दूरदराज़ सैन्य और दूरसंचार स्टेशन: पर्वतीय, रेगिस्तानी या जंगल वाले क्षेत्रों में तार बिछाना मुश्किल होता है। वायरलेस पावर से दूरदराज़ स्टेशन और ड्रोन आसानी से चार्ज हो सकते हैं।
- मобиль और हाई-रिस्क मिशन: सुरक्षा और मोबाइलिटी प्राथमिकता वाले मिशन जैसे reconnaissance और सीमावर्ती ड्रोन ऑपरेशन में उपकरण लगातार चार्ज रह सकते हैं।
- आपातकालीन ऊर्जा समाधान: खेल आयोजनों, फिल्म सेट या अनुसंधान मिशनों जैसी जगहों पर अस्थायी या अचानक ऊर्जा की जरूरत पड़ने पर यह तकनीक बेहद उपयोगी है।
चुनौतियाँ भी कम नहीं
उच्च ऊर्जा हानि, लेज़र बीम की सेफ़्टी, मौसम का असर, और बड़े पैमाने पर लागत वर्तमान प्रमुख बाधाएँ हैं। धूल, बारिश व कोहरा जैसे कारक बीम को प्रभावित करते हैं।,उच्च शक्ति वाले लेज़र बीम को नियंत्रित और सुरक्षित बनाना जरूरी है ताकि कोई हानि न हो।, लेज़र ट्रांसमीटर और रिसीवर सिस्टम का निर्माण और रखरखाव महंगा है। ऊर्जा हानि लेज़र के माध्यम से भेजी गई बिजली का केवल एक हिस्सा ही रिसीवर तक पहुंचता है।
“संक्षेप में, DARPA की वायरलेस पावर तकनीक भविष्य में ऊर्जा की पहुंच का तरीका बदल सकती है। यह उन परिस्थितियों में विशेष रूप से फायदेमंद होगी, जहां सुरक्षा, गति और मोबाइलिटी पारंपरिक बिजली स्रोतों से ज़्यादा महत्वपूर्ण हैं। DARPA का यह प्रयोग दिखाता है कि आने वाले समय में बिजली केवल तारों पर निर्भर नहीं रहेगी. यह तकनीक ऊर्जा ट्रांसमिशन के तरीके को पूरी तरह बदल सकती है. ।”
नकद जमा-निकासी पर भी नए नियम लागू
“5.3 मील दूर तक हवा में दौड़ी बिजली! DARPA ने लेज़र बीम से वायरलेस पावर ट्रांसमिशन में बनाया विश्व रिकॉर्ड हैं।”
(DARPA)अमेरिका की रक्एआरपीए) रक्षा विभाग के केंद्रीय अनुसंधान और विकास संगठन के रूप में कार्य करती है।

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