धर्मशाला के पूर्व बैंक अधिकारी ऑनलाइन ठगी का शिकार, इनवेस्टमेंट के नाम पर गंवाए 1 करोड़ रुपये ट्रेडिंग के झांसे में
धर्मशाला (कांगड़ा, हिमाचल प्रदेश) — एक सेवानिवृत्त बैंक अधिकारी ऑनलाइन ट्रेडिंग के झांसे में आकर लगभग एक करोड़ रुपये से अधिक की ठगी का शिकार हो गए। धर्मशाला। हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां के एक सेवानिवृत्त बैंक अधिकारी ऑनलाइन ट्रेडिंग के झांसे में फंसकर लगभग एक करोड़ रुपये से अधिक की ठगी का शिकार हो गए। पुलिस और साइबर क्राइम विभाग लगातार लोगों को इस तरह के ऑनलाइन फ्रॉड से सतर्क रहने की चेतावनी दे रहे हैं, लेकिन फिर भी ठग शातिराना तरीके से लोगों को अपना शिकार बना रहे हैं।
कैसे हुआ धोखा?
4 अगस्त को अधिकारी को व्हाट्सएप पर एक मैसेज मिला, जिसमें तेजी से मुनाफा कमाने का लालच दिया गया। 5 अगस्त को उन्होंने पहली बार 15 हजार रुपये निवेश किए। धीरे-धीरे भरोसा करने लगे और करीब 15 ट्रांजेक्शन के जरिए कुल लगभग एक करोड़ रुपये ठगों के खाते में ट्रांसफर कर दिए। अंतिम लेन-देन 1 सितंबर को हुआ जिसमें 20 लाख रुपये भेजे गए। इसको मिलाकर ठगी की गई राशि करीब एक करोड़ रुपये बनती है. ठगी का एहसास होने पर अधिकारी ने साइबर थाना धर्मशाला में इसकी शिकायत दर्ज करवाई.
दोस्तों से उधार लेकर निवेश
सूत्रों के अनुसार, अधिकारी ने दोस्तों से करीब 12 लाख रुपये उधार लेकर भी इस निवेश में लगाया। प्लेटफॉर्म पर शुरू में कृत्रिम मुनाफा दिखाया गया, जिससे वे और अधिक निवेश करते गए। जब पैसे निकालने चाहे तो ठगों ने ‘टैक्स भुगतान’ का बहाना बनाकर और रकम मांगी। यहीं से उन्हें ठगी का एहसास हुआ और शिकायत दर्ज करवाई।
पुलिस की प्रतिक्रिया
साइबर थाना नॉर्थ जोन धर्मशाला के एएसपी प्रवीण धीमान ने बताया कि मामले की जांच शुरू हो चुकी है और ठगों के बैंक खातों की जानकारी जुटाई जा रही है। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में जरा-सी लापरवाही भी भारी पड़ सकती है।
⚠️ पुलिस की मुख्य चेतावनी
- किसी भी ऑनलाइन निवेश या ट्रेडिंग प्लेटफ़ॉर्म पर पैसे लगाने से पहले उसका अधिकृत पंजीकरण और वैधानिकता ज़रूर चेक करें।
- किसी अनजान व्हाट्सऐप/टेलीग्राम ग्रुप या अज्ञात लिंक पर भरोसा न करें।
- तेजी से मुनाफ़ा देने के लालच में कभी निवेश न करें।
- निवेश से पहले हमेशा RBI और SEBI द्वारा मान्यता प्राप्त प्लेटफ़ॉर्म ही चुनें।
- कोई भी संदिग्ध कॉल/मैसेज आने पर तुरंत 1930 हेल्पलाइन नंबर या नज़दीकी साइबर थाना से संपर्क करें।
- पैसे भेजने से पहले दो बार सोचें, क्योंकि एक बार ट्रांसफर होने के बाद पैसे वापस लाना लगभग असंभव हो जाता है।
